

भभुआ-मोहनिया में ट्रैफिक पुलिस का सख्त एक्शन, 94 हजार का जुर्माना
हेलमेट, ट्रिपल लोडिंग और नो-पार्किंग पर चला अभियान, कई वाहन चालक पकड़े गए
नियम तोड़ने वालों को दी चेतावनी, आगे भी जारी रहेगा अभियान
कैमुर मोहनिया। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को भभुआ और मोहनिया के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों पर विशेष अभियान चलाया। इस दौरान ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई और कुल 94 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
भभुआ शहर के पटेल चौक, जेपी चौक और नहर के समीप सघन जांच अभियान चलाया गया। यहां पुलिस ने मुख्य रूप से दोपहिया वाहन चालकों की जांच की। बिना हेलमेट वाहन चलाने और एक बाइक पर तीन लोगों के बैठकर चलने वाले चालकों को रोककर चालान काटा गया। इस कार्रवाई में 20 बाइक चालकों से 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही कई लोगों को मौके पर ही ट्रैफिक नियमों की जानकारी देते हुए भविष्य में नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई।
वहीं मोहनिया के चांदनी चौक पर भी ट्रैफिक पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। यहां 21 बाइक चालकों को बिना हेलमेट और ट्रिपल लोडिंग करते हुए पकड़ा गया। सभी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 23 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस की कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और कई वाहन चालक रास्ता बदलकर निकलते नजर आए।
इसके अलावा मोहनिया के व्यस्त पटना मोड़ पर नो-पार्किंग में खड़े वाहनों के खिलाफ भी सख्ती दिखाई गई। सड़क किनारे और प्रतिबंधित स्थानों पर वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाते हुए 51 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। कई वाहनों को मौके पर हटवाया गया, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रही।
ट्रैफिक थाना अध्यक्ष रवि भूषण कुमार ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट वाहन चलाना और ट्रिपल लोडिंग करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है।
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करें, निर्धारित सीमा में ही सवारी बैठाएं और नो-पार्किंग क्षेत्रों में वाहन खड़ा करने से बचें। ट्रैफिक नियमों का पालन कर ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)





